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गफलत में कहीं खो न दें हम

गफलत में कहीं खो न दें हम
दोस्ती उनकी,
ए खुदा ऐसा न हो
इतनी सी है गुजारिश।
मौसम समझ न आया
थोड़ी हवा है चंचल
बाहर है धूप निकली
भीतर लगी है बारिश।

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