मेरे गिरधर गोपाल मेरे हैं भगवान,
दुजा कोई नहीं है मेरा अभिमान ।
मेरे नंन्दकिशोर के माथे सोहे मोर मुकुट,
यशोदा दुलारे कृष्ण कन्हैया हैं मेरे शान।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
मेरे गिरधर गोपाल मेरे हैं भगवान,
दुजा कोई नहीं है मेरा अभिमान ।
मेरे नंन्दकिशोर के माथे सोहे मोर मुकुट,
यशोदा दुलारे कृष्ण कन्हैया हैं मेरे शान।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी