Site icon Saavan

गुनेहगार

बचके बहुत रखा इस मासूम दिल को
दिन रात तुहारी जासूस निगाहो पर पहरा दिया
चुराया भी दिल तुमने ही और गुनेहगार भी मुझे ठहरा दिया

Exit mobile version