इस घर की कैद ने भी क्या खूब काम किया
बिखरी तस्वीरों को करीने से सजा दिया
फिर से याद आए वह पुराने साथी
कुछ बिछड़े पलों को फिर से मिला दिया ।
इस घर की कैद ने भी क्या खूब काम किया
बिखरी तस्वीरों को करीने से सजा दिया
फिर से याद आए वह पुराने साथी
कुछ बिछड़े पलों को फिर से मिला दिया ।