मत जलाओ अपनी जिंदगी ये दोस्त,
प्यार मोहब्बत में पड़कर मेरे दोस्त।
अपने हुनर को परख कुछ पेड़ रोप दो,
छांव फल देकर शीतल तुम्हें करेगा दोस्त।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
मत जलाओ अपनी जिंदगी ये दोस्त,
प्यार मोहब्बत में पड़कर मेरे दोस्त।
अपने हुनर को परख कुछ पेड़ रोप दो,
छांव फल देकर शीतल तुम्हें करेगा दोस्त।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी