तुम्हारी ये सुनहरी जुल्फें और तुम्हारी याद,
चेहरे की हंसी और दमकता हुआ ये चांद।
मुझे याद बहुत आता है तुम्हारा साथ,
रब से करना मिलने का तुम फरियाद।।
✍ महेश गुप्ता जौनपुरी
तुम्हारी ये सुनहरी जुल्फें और तुम्हारी याद,
चेहरे की हंसी और दमकता हुआ ये चांद।
मुझे याद बहुत आता है तुम्हारा साथ,
रब से करना मिलने का तुम फरियाद।।
✍ महेश गुप्ता जौनपुरी