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तस्वीर

न दिन खरीद पाओगे न रात बेच पाओगे,

इन हाथों में न तुम अपने हालात बेच पाओगे,

खरीदने की चाहत जो तुम दिल में सजाये हो,

इन आँखों से तुम न ये ख्वाब बेच पाओगे,

खरीद लो सरे बाजार तुम मेरी यादें मगर,

मेरे दिल में बसी तुम न ये तस्वीर बेच पाओगे।।
राही (अंजाना)

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