जब भी खुद को मुश्किलों में पाया है,
ये मालिक तुम्ही ने दिया सहारा है,
भले ही नज़रों से नज़र नहीं आते हो,
यकीनन तुमने ही हरदम मेरा हाथ थामा है।
जब भी खुद को मुश्किलों में पाया है,
ये मालिक तुम्ही ने दिया सहारा है,
भले ही नज़रों से नज़र नहीं आते हो,
यकीनन तुमने ही हरदम मेरा हाथ थामा है।