एक श्राप के कारण,
शालिग्राम बने नारायण
लक्ष्मी माँ ने फ़िर,
अवतार लिया तुलसी का
कार्तिक की एकादशी को,
विवाह-बंधन में बंधे दोबारा
मेहंदी, महावर,बिंदी चूड़ी आदि
सुहाग श्रृंगार होता है,
तुलसी माँ का
लाल चुनर ओढ़ाई जाती,
दीप जलाकर करें वन्दना
हलवा-पूरी का भोग लगाकर
आशीष लिया जाए,तुलसी माँ का
*****✍️गीता