इतनी भी क्या नाराज़गी पगली एक बार पूछ तोह लिया होता
गुस्से से चल दी तू एक बार मुड़ के देख तोह लिया होता
सोच के देखो जो छोड़ के जाते है
वोह अक्सर रूठ जाते है
इतनी भी क्या नाराज़गी पगली एक बार पूछ तोह लिया होता
गुस्से से चल दी तू एक बार मुड़ के देख तोह लिया होता
सोच के देखो जो छोड़ के जाते है
वोह अक्सर रूठ जाते है