लहरों से टकराने का दावा करने वाले
अक्सर अपने ही आंसुओं में डूब जाते हैं
हमने जो पूछा क्यों गम शुदा हो तुम
तो हम से ही जाने क्यों रूठ जाते हैं
लहरों से टकराने का दावा करने वाले
अक्सर अपने ही आंसुओं में डूब जाते हैं
हमने जो पूछा क्यों गम शुदा हो तुम
तो हम से ही जाने क्यों रूठ जाते हैं