दिल की सुनो दिल से करो बात,
इंसानियत को जगाओ मित्र करो ना रात।
रब से करो तुम अपने दुख का फरियाद,
अपने प्यार को लुटा नफरत को दो मात।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
दिल की सुनो दिल से करो बात,
इंसानियत को जगाओ मित्र करो ना रात।
रब से करो तुम अपने दुख का फरियाद,
अपने प्यार को लुटा नफरत को दो मात।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी