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दिल से….

दिल से….

दिल से बोलूँ इक नगमा,

जो सपनों को पंख दे दे धरा।

बाँहों में ले लूँ उड़न की बहार,

जहां चमके नये सवेरे की किरण नजर आये।

हर दिल की धड़कनों का मेल मिलाप,

प्यार की आवाज़ यहां सबको सुनाए।

मुस्कान की तपिश में लिपटी,

खुशियों का संगीत सबको सुनाए।

यहां ना छुपती हैं आँखों की नमी,

कहीं ना जा सके रिश्तों की खामोशी।

हर राही का यहां मिले साथी,

प्यार की गाथा यहां सबको सुनाए।

बंधनों को तोड़ नयी उड़ान भरे,

परिंदों की तरह सबको ऊँचाईयों पर ले जाएं।

हर रिश्ता यहां नए रंगों में चमके,

प्यार की राह पर यहां सबको सुनाएं।

दिल से बोलूँ इक नगमा,

प्यार और खुशियों का यही संगीत है।

हर पल यहां खुश रहे सब,

दिल से यह दुआएं हम सबको देते हैं।

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