खुलीआंखों से हमने भी ख्वाब देखें,
तेरे चेहरे पर हमने भी जज्बात देखें ।
सुना था आंधी कुहासे को उड़ा ले जाता है,
दो टूटे हुए दिल को कांटेदार गुलाब मिला देता है।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
खुलीआंखों से हमने भी ख्वाब देखें,
तेरे चेहरे पर हमने भी जज्बात देखें ।
सुना था आंधी कुहासे को उड़ा ले जाता है,
दो टूटे हुए दिल को कांटेदार गुलाब मिला देता है।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी