मुश्किल बहुत है
खुशियों की तिजोरी भरना
दुःख की गगरी भरने में
दो पल नहीं लगते
झूम जाता है मन
जब कोई अपना कह देता है…
अपनेपन के लिए
तरसता रहता है जीवन
नये सिक्के की तरह है
हमारा ये रिश्ता
थोड़ा घिस जाये
तब पता चल जायेगा कि
कैसा है ???
मुश्किल बहुत है
खुशियों की तिजोरी भरना
दुःख की गगरी भरने में
दो पल नहीं लगते
झूम जाता है मन
जब कोई अपना कह देता है…
अपनेपन के लिए
तरसता रहता है जीवन
नये सिक्के की तरह है
हमारा ये रिश्ता
थोड़ा घिस जाये
तब पता चल जायेगा कि
कैसा है ???