तुझे देखने की आश लगा बैठा हूँ,
तुझे पाने की आरजु दिल मे सजा बैठा हूँ,,
कौन से दिन आयेगें मिलन की पंडितो से दिखाकर बैठा हूँ।।
ज्योति
तुझे देखने की आश लगा बैठा हूँ,
तुझे पाने की आरजु दिल मे सजा बैठा हूँ,,
कौन से दिन आयेगें मिलन की पंडितो से दिखाकर बैठा हूँ।।
ज्योति