अपना अपना काम यदि
कर लें सब ईमान से,
देश सोने की चिड़िया
होगा फिर ईमान से।
पूरा नहीं जरा सा भी
यदि दायित्व समझ लें सब
देश सोने की चिड़िया,
होगा फिर ईमान से।
कथनी करनी में अंतर
मिट जाये जब हम सब में,
देश सोने की चिड़िया
होगा फिर ईमान से।
अपना अपना काम यदि
कर लें सब ईमान से,
देश सोने की चिड़िया
होगा फिर ईमान से।
पूरा नहीं जरा सा भी
यदि दायित्व समझ लें सब
देश सोने की चिड़िया,
होगा फिर ईमान से।
कथनी करनी में अंतर
मिट जाये जब हम सब में,
देश सोने की चिड़िया
होगा फिर ईमान से।