ऐसी हो जिंदगी जिस पर नाज़ करे।
खुदा तुम्हें, मेरी भी उम्र दराज़ करें।
हर राह रौशन, काँटों से महफूज़ दामन,
इतनी खुशियाँ बख्शे गम ना आज करें।
ऐसी हो जिंदगी जिस पर नाज़ करे।
खुदा तुम्हें, मेरी भी उम्र दराज़ करें।
हर राह रौशन, काँटों से महफूज़ दामन,
इतनी खुशियाँ बख्शे गम ना आज करें।