Site icon Saavan

नारी

नारी

मन कि उषा किरणो से
वो मृद भाष
कहॉ से लायी हो
घर आंगन को महकाने का
तुम ऐसा वरदान
कहॉ से पायी हो
माँ बहन बेटी बनकर तुम
पीड़ा को छिपाने का
पहचान कहा से पायी हो
हे जननी तुम जग में
जग को रोशन
करने आयी हो
छवि तुम्हारी बलशाली हैं
अंर्तमन साहस
कहॉ से लायी हो

महेश गुप्ता जौनपुरी
मोबाइल – 9918845864

Exit mobile version