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निशानी ऊँगली पर पहन कर मेरी छुपाते हुए

निशानी ऊँगली पर पहन कर मेरी छुपाते हुए,
वक्त-वक्त पर वक्त का गिनना तेरा अच्छा लगा,

कहा बहुत कुछ ख़्वाबों में हर रात तुमने मुझसे,
और मुझे तेरा मुझसे नज़रें चुराना अच्छा लगा।।

– राही (अंजाना)

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