न तुम बदले न मैं बदला
वक़्त बदलते दोनों ने देखा
सिलसिले बस युँ ही चलते रहे
फासलों को बदलते हमने देखा
राजेश’अरमान’
न तुम बदले न मैं बदला
वक़्त बदलते दोनों ने देखा
सिलसिले बस युँ ही चलते रहे
फासलों को बदलते हमने देखा
राजेश’अरमान’