( पगली लड़की /06 )
कण कण में मुस्कान बिखेरती
जीवन को न्योछावर करती
जिद पर अपने करे सवारी
घर में सबका मन बहलाती
बातो से अपने रस को घोलती
घर आँगन को महकाती हैं
छोटी छोटी बातो में
झगड़े की लडी बन जाती
घर कि जिम्मेदारी को
अम्मा बनकर निभाती
होठो पर मुस्कान लिए
सबको मोहित करती
वो पगली सी सयानी लड़की
ना जाने कितने रुप को मोहित करती
चंचल चितवन नयनो से अपने
सबके दिल को वह बहलाती
महेश गुप्ता जौनपुरी
मोबाइल – 9918845864