पैसे का इमान देता नहीं कभी साथ,
गरिबी अमीरी छोड़ कर मिलाओ हाथ।
अफसर बनकर भगवान तुम नहीं हुए,
सद्भाव गलत कर्मो को माफ करो हे नाथ।।
महेश गुप्ता जौनपुरी
पैसे का इमान देता नहीं कभी साथ,
गरिबी अमीरी छोड़ कर मिलाओ हाथ।
अफसर बनकर भगवान तुम नहीं हुए,
सद्भाव गलत कर्मो को माफ करो हे नाथ।।
महेश गुप्ता जौनपुरी