एक प्यारा संसार सजाएं,
हंसी खुशी का शहर बसाए।
गम जहां से ओझल हो जाए,
खुशियां दामन भर भर आए।
प्रगति उन्नति का हो जो द्योतक,
हरी भरी धरती नील गगन तक।
दुख जहां ढूंढे ना पाए
ऐसा सुंदर शहर बसाए।
निमिषा सिंघल
एक प्यारा संसार सजाएं,
हंसी खुशी का शहर बसाए।
गम जहां से ओझल हो जाए,
खुशियां दामन भर भर आए।
प्रगति उन्नति का हो जो द्योतक,
हरी भरी धरती नील गगन तक।
दुख जहां ढूंढे ना पाए
ऐसा सुंदर शहर बसाए।
निमिषा सिंघल