प्यार मे ना कोई “”मजहब”‘ होता;
ना ही कोई “”समाधी” की बात होता।
.. प्यार वो दिम्मक है ;की आँख से होता और दिल मे उत्तर जाता ।।
प्यार मे ना कोई “”मजहब”‘ होता;
ना ही कोई “”समाधी” की बात होता।
.. प्यार वो दिम्मक है ;की आँख से होता और दिल मे उत्तर जाता ।।