प्रेम पथिक जब चलते राहों में,
पाकर ही लौटते प्रेमी राहों को।
गली मोहल्ले का नाम पता कर,
चूम लेते कांटेदार शाखाओं को।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
प्रेम पथिक जब चलते राहों में,
पाकर ही लौटते प्रेमी राहों को।
गली मोहल्ले का नाम पता कर,
चूम लेते कांटेदार शाखाओं को।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी