‘न देखा उसने इक दफा भी कभी,
के किन तूफानों से घिर गया हूँ मैं..
उसकी शिकायत है आज भी वही मुझसे,
कि अपने वादों से फिर गया हूँ मैं..’
– प्रयाग
‘न देखा उसने इक दफा भी कभी,
के किन तूफानों से घिर गया हूँ मैं..
उसकी शिकायत है आज भी वही मुझसे,
कि अपने वादों से फिर गया हूँ मैं..’
– प्रयाग