कहां थे और कहां हम पहूंच गये,
माडर्न के चक्कर में सब कुछ भूल गये।
पीढ़ियों का अन्तर ना हम समझ सकें,
फैशन के दौर में बहुत कुछ खो गये ।।
✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
कहां थे और कहां हम पहूंच गये,
माडर्न के चक्कर में सब कुछ भूल गये।
पीढ़ियों का अन्तर ना हम समझ सकें,
फैशन के दौर में बहुत कुछ खो गये ।।
✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी