तुमसे अपने आंसू छिपाने पड़ते हैं,
मुझको तो लाख बहाने बनाने पड़ते हैं,
तुम्हे तो मुझे हंसते हुए देखना है,
मुझको तो गम भी ठिकाने लगाने पड़ते हैं।।
राही (अंजाना)
तुमसे अपने आंसू छिपाने पड़ते हैं,
मुझको तो लाख बहाने बनाने पड़ते हैं,
तुम्हे तो मुझे हंसते हुए देखना है,
मुझको तो गम भी ठिकाने लगाने पड़ते हैं।।
राही (अंजाना)