बारिश की एक फुहार से,
सुखे पेड़ में भी जान आ जाती है
और जब होता है जिक्र प्यार का,
मुझे मेरी मां याद आ जाती है।
—मानुष
बारिश की एक फुहार से,
सुखे पेड़ में भी जान आ जाती है
और जब होता है जिक्र प्यार का,
मुझे मेरी मां याद आ जाती है।
—मानुष