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महंगाई का प्रकोप

( महंगाई का प्रकोप )

दाल का दाना सोना होगा ,
चावल हिरा जैसा महंगा ।
आटा होगा कोकिन हिरोइन ,
मसाला रोब दिखायेगा ।
फल को चखेंगे सपनो में लोग ,
जब वृक्ष सुखा रह जायेगा ।
दुध मिलेगा केमिकल का ,
जब गाय को काट खा जायेगें ।
महंगाई की इस हाहाकार से ,
कोई नही बच पायेगा ।
दूर -दूर तक वीरान होगा ,
किसानो पर जब अत्याचार होगा ।

महेश शम्भूनाथ गुप्ता जौनपुरी
(मोबाइल – 9918845864)

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