मां की लोरी बड़ी सुहाती,
मां की ममता याद दिलाती।
मां अपनी सर्वस्व अर्पण करती,
मां अपने हिस्से की निवाला खिलाती।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
मां की लोरी बड़ी सुहाती,
मां की ममता याद दिलाती।
मां अपनी सर्वस्व अर्पण करती,
मां अपने हिस्से की निवाला खिलाती।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी