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मां

…..माँ….

रिश्ता बड़ा अनोखा हैं माँ का
त्याग हैं बलिदान हैं खुशियों की छलक हैं
माँ प्रेम हैं तपस्या हैं बच्चे की भाग्य विधाता
माँ जगत में महान हैं माँ नाम बड़ा अनमोल हैं

आंचल का छाया माँ के ममता का माया
सब कुछ फिका पड़ गया जिम्मेदारी आया
दिल दिमाक हँसी खुशी में बसी हैं माँ
ठोंकर लगे पॉव में माँ का नाम आये जुबान पर

सुख दुःख पीड़ा कष्ट हरणी हैं माँ
माँ को कष्ट की जंजाल में ना डालना बेटा
माँ नसीब वालो का ही देती हैं साथ
एक निवाले से ही पेट भर देती हैं माँ

दर्द था प्यार था ऑखो में ऑसू था
माँ का दुलार था ममता की लोरी था
आज जिस चौकट पर खड़ा हूँ अभागा
सब कुछ हैं माँ के प्यार और दुलार के सिवा

महेश गुप्ता जौनपुरी

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