मिटा देना मसल कर तू
मेरी हस्ती को जूते से,
चींटी हूँ नन्हीं सी
क्या पता डंक मारूंगी।
मेरे जीने का हक बस तू
इसी चिन्ता में खा लेना
कि चींटी हूँ जरा सी
क्या पता कल डंक मारूंगी
मिटा देना मसल कर तू
मेरी हस्ती को जूते से,
चींटी हूँ नन्हीं सी
क्या पता डंक मारूंगी।
मेरे जीने का हक बस तू
इसी चिन्ता में खा लेना
कि चींटी हूँ जरा सी
क्या पता कल डंक मारूंगी