कदम दर कदम मै बढाने चला हूँ।
सफर जिन्दगी का सजाने चला हूँ।
ज़माने की खुशियाँ जहाँ पें रखकर
दौर जिन्दगी बनाने चला हूँ।।
योगेन्द्र कुमार निषाद
घरघोड़ा
कदम दर कदम मै बढाने चला हूँ।
सफर जिन्दगी का सजाने चला हूँ।
ज़माने की खुशियाँ जहाँ पें रखकर
दौर जिन्दगी बनाने चला हूँ।।
योगेन्द्र कुमार निषाद
घरघोड़ा