तेरी मासुमियत का मैं हूं दिवाना
तेरे प्यार में फिरता हूं आवारा
ना समझ मुझे जाहिल निकम्मा सनम
तेरे ही प्यार से मुझे गीले हैं सितम
महेश गुप्ता जौनपुरी
तेरी मासुमियत का मैं हूं दिवाना
तेरे प्यार में फिरता हूं आवारा
ना समझ मुझे जाहिल निकम्मा सनम
तेरे ही प्यार से मुझे गीले हैं सितम
महेश गुप्ता जौनपुरी