मुक्तक महेश गुप्ता जौनपुरी 6 years ago सोच विचार करते करते, जीवन की नैया डुब गयी। बैठ कर गलतीयां गिनते गिनते, बटोही आधी उम्र बीत गयी ।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी