Site icon Saavan

मुक्तक

संवेदनाएं मर चुकी हैं आज सब
किस तरह कविता कहूं तुम ही कहो
सब दिखावा है मेरे व्यवहार में
किस तरह कविता कहूं तुम ही कहो.
डॉ. सतीश पांडेय, चम्पावत
उत्तराखंड

Exit mobile version