“मुक्तक”
आओ अतीत के हम झरोखो में झांक लें जरा
उनके और अपने करम को हम आंक लें जरा |
जो मर मिटे वतन पे हमे स्वाधीन करने के लिये
आओ शहीदों को हम आज याद तो कर लें जरा ||
उपाध्याय…

“मुक्तक”
आओ अतीत के हम झरोखो में झांक लें जरा
उनके और अपने करम को हम आंक लें जरा |
जो मर मिटे वतन पे हमे स्वाधीन करने के लिये
आओ शहीदों को हम आज याद तो कर लें जरा ||
उपाध्याय…