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मेरी बूढ़ी नानी

मेरी बूढ़ी नानी

आंखों पर चश्मा ,
सन से सफेद बाल ,
सुंदरता की आज भी मिसाल।
कांपती सी आवाज,
थोड़ा कम सुनते से कान
लेकिन आज भी उनका व्यक्तित्व,
है बेमिसाल
प्यार और दुआएं बरसाती ,
हम सब पर साल दर साल।

गजब की हिम्मती,
आज भी नहीं रुकती,
चल पड़ती है हाल ।
उनकी कभी-कभी उखडती सांस देखकर
हम सब हो जाते बेहाल।
जीवन भर सेवा कार्य किया,
मरीजों को नया जीवन दिया, हृदय हैं उनका बड़ा ही विशाल। जीवन है उनका सबके लिए मिसाल ,
नानी मेरी बड़ी बेमिसाल ।

निमिषा सिंघल

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