मैं तुमको जबसे खुदा मान बैठा हूँ!
ज़िन्दगी को दर्द-ए-शुदा मान बैठा हूँ!
खोजती हैं महफिलें जमाने की मगर,
हर शक्स से खुद को जुदा मान बैठा हूँ!
Written By #महादेव
मैं तुमको जबसे खुदा मान बैठा हूँ!
ज़िन्दगी को दर्द-ए-शुदा मान बैठा हूँ!
खोजती हैं महफिलें जमाने की मगर,
हर शक्स से खुद को जुदा मान बैठा हूँ!
Written By #महादेव