ये भारत भूमि है अपनी
मैं भारत माँ की जाई हूँ
किसी दीवाने के दिल की
मैं मीठी सी रुबाई हूँ
मेरे संबंध है सब कुछ
यही अब मेरी दौलत हैं
नहीं ये पूंछो अब मुझसे
मैं कितनी चोट खाई हूँ ।।
ये भारत भूमि है अपनी
मैं भारत माँ की जाई हूँ
किसी दीवाने के दिल की
मैं मीठी सी रुबाई हूँ
मेरे संबंध है सब कुछ
यही अब मेरी दौलत हैं
नहीं ये पूंछो अब मुझसे
मैं कितनी चोट खाई हूँ ।।