मै अपने साये में धूप लेकर चलती हूं
तेरे लिये छाव फैलाये चलती हूं
तू कभी मिल जाता है मुझे अगर
तेरे पाव के नीचे हाथ बिछाये चलती हूं
मै अपने साये में धूप लेकर चलती हूं
तेरे लिये छाव फैलाये चलती हूं
तू कभी मिल जाता है मुझे अगर
तेरे पाव के नीचे हाथ बिछाये चलती हूं