बहुत याद आते हैं,
सफ़र में बेवक्त बिछड़ने वाले।
छोड़ जाते हैं हृदय में बहुत सी यादें और रह जाती हैं तन्हाइयाँ और खामोशियाँ।
ऑंख के आंसू निकल पड़ते हैं ढूँढने उनको,
नहीं मिलते हैं कदमों के निशाॅं।
______✍️गीता कुमारी
बहुत याद आते हैं,
सफ़र में बेवक्त बिछड़ने वाले।
छोड़ जाते हैं हृदय में बहुत सी यादें और रह जाती हैं तन्हाइयाँ और खामोशियाँ।
ऑंख के आंसू निकल पड़ते हैं ढूँढने उनको,
नहीं मिलते हैं कदमों के निशाॅं।
______✍️गीता कुमारी