समय की तह में गुजरती ये ज़िन्दगी
एक अहसास की पुल बनाती ये ज़िन्दगी
अपनो से दूर होकर जीने वालो को
एक साथ संजोती ये ज़िन्दगी
कुचक्र में फसे ढिठ सृजन को
कर्मा के नियम सिखाती ये ज़िन्दगी
विलाषिता में लिप्तता की रूढ़ को
अभाव की पराकष्ठा से विस्मित कराती ये ज़िन्दगी
समय की तह में गुजरती ये ज़िन्दगी
–अजेय
ये ज़िन्दगी
