आज राजनिति का लगता है भोर हुआ है,
चारों तरफ नेता जी का मचा शोर हुआ है।
आंख खुला नेता जी का जथ्था देखा घर पर,
लगता है वर्षो बाद चूनाव का बिगुल बजा हुआ है।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
आज राजनिति का लगता है भोर हुआ है,
चारों तरफ नेता जी का मचा शोर हुआ है।
आंख खुला नेता जी का जथ्था देखा घर पर,
लगता है वर्षो बाद चूनाव का बिगुल बजा हुआ है।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी