रिश्तों में कोई फासला सा रखना
तूफानों में हौसला सा रखना
अपने ही घर में चाहे जितने कमरे हो
अपने लिए इक घोसला सा रखना
राजेश’अरमान’
रिश्तों में कोई फासला सा रखना
तूफानों में हौसला सा रखना
अपने ही घर में चाहे जितने कमरे हो
अपने लिए इक घोसला सा रखना
राजेश’अरमान’