Site icon Saavan

वजूद

आंखों की यह पलकें झपका के तो दिखा
सच बताऊ यह भी ना कर पाएगा।

उस परमात्मा के कारण ही तेरा वजूद है
उसके बिना, मिट्टी में मिल जाएगा।

यह पैसा, यह शरीर सब नाशवान हैं
कुछ भी साथ ना जाएगा।

मरने के बाद भी, कुछ लोगो की जरूरत होगी
नहीं तो “सुखबीर” शमशान कैसे जाएगा।

 

Exit mobile version