वर्तमान ही सत्य बाकी सब मिथ्या है.
भूत तो बिन बाती तेल का दीया है
मत सोच में डुबो, तुझे किसी से क्या मिला
कर हिसाब तूने किसी को क्या दिया है
राजेश ‘अरमान’
वर्तमान ही सत्य बाकी सब मिथ्या है.
भूत तो बिन बाती तेल का दीया है
मत सोच में डुबो, तुझे किसी से क्या मिला
कर हिसाब तूने किसी को क्या दिया है
राजेश ‘अरमान’