कान्हा ओ कान्हा,
मेरा भी माखन चुरा ले
माखन चुरा के कान्हा प्यारे,
चित भी मेरा चुरा ले
जो हो मन में मेरे विकार,
इनको भी तू चुरा ले
-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
कान्हा ओ कान्हा,
मेरा भी माखन चुरा ले
माखन चुरा के कान्हा प्यारे,
चित भी मेरा चुरा ले
जो हो मन में मेरे विकार,
इनको भी तू चुरा ले
-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-